एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Friday, September 28, 2012
आम्बेडकर और मार्क्सवादी - आनंद तेलतुम्बडे
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भारत विरोधाभासों का देश है. मगर दलित और कम्युनिस्ट आन्दोलन के दो भिन्न दिशाओं में जाते इतिहास से ज़्यादा अनुवर्ती और कोई विरोधाभास न हो...
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Monday, September 10, 2012
भ्रष्टाचार के साथ अन्याय-अत्याचार भी देखें- मेधा पाटकर
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नर्मदा बचाओ आंदोलन की जुझारु नेत्री मेधा पाटकर इस वक़्त सरदार सरोवर बांध क्षेत्र में हैं। मध्य प्रदेश के मेंइंदिरा सागर और ओंकारेश्वर ब...
Friday, September 7, 2012
साहित्य विवेक ही जीवन विवेक है - कुमार अम्बुज
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करीब दो बरस पहले यह टिप्पणी लिखी गई थी। एक स्थानीय आयोजन से प्रेरित। बहरहाल। एक-दो वाक्यों में संपादन के साथ यह यहॉं है। साहित्यि...
Sunday, September 2, 2012
तन्हा कर देने वाली है इंसाफ की लड़ाई - तीस्ता सीतलवाड
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गुजरात के नरोदा पाटिया केस में स्पेशल कॉर्ट के फैसले और पीड़ितों को इंसाफ दिलाने के लिए लड़ी जा रही पूरी लड़ाई पर एक्टिविस्ट तीस्ता स...
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Sunday, August 26, 2012
साहित्यिक चोरी का `सितारा`
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पाकिस्तान ने हिंदुस्तानी `लेखक` गोपीचंद नारंग को इसी महीने अपने स्वतंत्रता दिवस (14 अगस्त) के मौके पर अपने तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्...
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