एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Wednesday, September 30, 2026

दिनमान ने क्या नहीं छापा था जेएनयू की दलितों-पिछड़ों की हत्यारी प्रवेश-नीति पर असरार खाँ का लेख

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Asrar Khan (असरार खान से परिचय फेसबुक के ज़रिये था और उनकी मौत की ख़बर भी आज सुबह फेसबुक से ही मिली। उनकी वॉल पर लाइक-कमेंट के लिहाज़ से रिश...
2 comments:
Tuesday, September 29, 2026

ऐसे बयान से क्या फ़ायदा

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आलोक धन्वा कविता पढ़ने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने शुरुआत वीरेन डंगवाल की इस कार्यक्रम में ग़ैर-मौज़ूदगी के ज़िक्र से की। जादुई अंदाज़-ओ-अद...
Monday, September 21, 2026

नरेन्द्र जैन की कविताएँ

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नरेंद्र जैन  मेरे तईं नरेन्द्र जैन हिन्दी कविता के चित्तप्रसाद हैं क्योंकि उनकी कविता का विजुअल कॉन्टेंट वैसा ही सुस्पष्ट है और इम्पैक्ट उतन...
Friday, September 18, 2026

अशोक वाजपेयी को संस्कृति का मसीहा कोई मूर्ख ही कहेगा - भैरव प्रसाद गुप्त

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भैरव प्रसाद गुप्त (वर्तमान साहित्य, अगस्त-90) (सुप्रसिद्ध कथाकार भैरव प्रसाद गुप्त से विद्याधर शुक्ल की बातचीत) भोपाल का भारत भवन अपने जन्म ...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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