एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Sunday, July 12, 2026

मनुष्य और समाज की बेहतरी का ज्ञान-विज्ञान - शिवप्रसाद जोशी

›
(विज्ञान में विचार के नये आयाम) समीक्षा पुस्तकः ज्ञान, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और समाजः आम ज़बान में कुछ बातें  लेखकः लाल्टू प्रकाशकः एकलव्य मूल...
Monday, June 8, 2026

क्या अपमान से निपटने के लिए उग्रता के अलावा कोई रास्ता है?

›
समीक्षा निबंध: प्रसांता चक्रवर्ती रॉक्सेन एल. यूबेन. ड्रिवेन टु देयर नीज़: ह्यूमिलिएशन इन कॉन्टेंपोरेरी पॉलिटिक्स.   (प्रिंसटन और ऑक्सफ़र्...
Friday, June 5, 2026

मोहन मुक्त की कविताएँ

›
कवि मोहन मुक्त मेरा पहाड़ ????? मुंडा कोल गोंड नाग बौद्ध द्रविड़ या हडप्पन बाद के जो कोई भी थे मेरे पुरखे उन्होंने कभी नहीं कहा ....'मेरा ...
1 comment:
Thursday, May 21, 2026

`किसी अनजान ढाणी` से एक खरी-बेचैन आवाज़

›
`बौने प्रहसन और अन्य कविताएं` कविता संग्रह प्रकाशक - न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन ``एक आवाज़ आई ये देश महान है मैंने ग़ौर से देखा तो सदियों से रक्त...
7 comments:
›
Home
View web version

About Me

My photo
Ek ziddi dhun
धीरेश सैनी Dhiresh Saini
View my complete profile
Powered by Blogger.