एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Wednesday, October 30, 2013

विचारधारा ही ज़बान और बयान को तय करती है - असद ज़ैदी

›
`प्रभात खबर` अख़बार में छपा वरिष्ठ कवि असद ज़ैदी का इंटरव्यू ‘कविता’ आपके लिए क्या है? कविता समाज में एक आदमी के बात करने का तरीक़ा ...
Saturday, October 19, 2013

हिटलर के यातना शिविर हैं ये गांव- शंबूक

›
देसां म्हैं देस हरियाणा जित...... 30 मार्च , शनिवार तक़रीबन शाम साढ़े 5 बजे के आस-पास का बात है , जब मदीना गांव , भैराण रोड़ नहर पर दबं...
Wednesday, October 9, 2013

चे के शहादत दिवस पर गणेश विसपुते की कविता

›
महान क्रांतिकारी और वामपंथी विचारक अर्नेस्टो चे गुएवारा दुनिया भर में वंचित तबकों के संघर्षों के प्रतीक और प्रेरणास्रोत हैं। अर्जेन्...
1 comment:
Tuesday, October 1, 2013

लाल सिंह दिल की कविताएं

›
कुत्ते पुकारते हैं `मेरा घर, मेरा घर` जगीरदार `मेरा गाँव, मेरी सल्तनत` लीडर `मेरा देश, मेरा देश` लोग सिर्फ कहते हैं `म...
5 comments:
‹
›
Home
View web version

About Me

My photo
Ek ziddi dhun
धीरेश सैनी Dhiresh Saini
View my complete profile
Powered by Blogger.