एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Wednesday, September 28, 2016
सुधीश पचौरी और संपादक की बीमार मानसिकता का विरोध
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फोटो 5 अक्तूबर 2013 के उसी कार्यक्रम का है जिसे सुधीश पचौरी बर्दाश्त नहीं कर सका था। हमारे प्यारे कवि वीरेन डंगवाल की बीमारी को ...
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