एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Tuesday, January 24, 2017

अतीत की सच्चाई का निर्धारण : रोमिला थापर

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‘ इंडियन सोसायटी ऐंड द सेक्युलर ’     थ्री एसेस प्रकाशन से आई ये किताब प्रख्यात इतिहासविद् रोमिला थापर के लेखों और भाषणों क...
Thursday, January 5, 2017

जॉन बर्जरः वक़्त को टटोलती निगाह - शिवप्रसाद जोशी

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John Berger ( 5 November 1926 – 2 January 2017 ) अरुंधति रॉय 2009 के दरम्यान जॉन बर्जर से मिलने गई थीं. बर्जर ने बस उनसे पूछा कि तुम अ...
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Wednesday, December 28, 2016

मनमोहन की मशहूर कविता ‘आ राजा का बाजा’

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‘आ राजा का बाजा’ कविता के बारे में -मनमोहन पिछले दो-ढाई साल से इस कविता का एक अजीबोगरीब पाठ फेसबुक पर घूम रहा है और जो कभी भी, कहीं भी...
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Saturday, November 5, 2016

कम्बख़्त दस्तावेज़ `पासपोर्ट` और नानी का इंतिक़ाल

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( सईद नक़वी की पुस्तक ‘ बीइंग दि अदर: दि मुस्लिम इन इण्डिया` (अलिफ़ बुक कंपनी, 2016) के एक अध्याय ‘ग्रोइंग अप इन अवध’’ का हिस्सा ) ...
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Wednesday, September 28, 2016

सुधीश पचौरी और संपादक की बीमार मानसिकता का विरोध

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फोटो 5 अक्तूबर 2013 के उसी कार्यक्रम का है जिसे सुधीश पचौरी बर्दाश्त नहीं कर सका था।  हमारे प्यारे कवि वीरेन डंगवाल की बीमारी को ...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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