एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Friday, July 7, 2017

अरुंधति के `द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैपीनेस` पर शिवप्रसाद जोशी

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अन्यतम ख़ुशी के अन्यतम संघर्ष की दास्तान अरुंधति रॉय का नया उपन्यास: द मिनिस्ट्री ऑफ़ अटमोस्ट हैपीनेस (मर गई बुलबुल कफ़...
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Monday, July 3, 2017

ये रही मैं, तुम्हारे सामने, तुमसे मुकाबला करने के लिए : अरुंधति रॉय

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Photo by TARUN BHARTIYA तीन विभिन्न अंग्रेजी साक्षात्कारों से ली गईं चुनिंदा टिप्पणियां रूपांतर : शिवप्रसाद जोशी ...
Sunday, July 2, 2017

गैर राजनीतिक उपन्यास एक मिथक है : अरुंधति रॉय

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तीन विभिन्न अंग्रेजी साक्षात्कारों से ली गईं चुनिंदा टिप्पणियां - 1 रूपांतर : शिवप्रसाद जोशी -गैर राजनीतिक उपन्यास नहीं लिखा...
Wednesday, March 29, 2017

महादेवी- स्‍त्री होने का अर्थ : कात्‍यायनी

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स्‍त्री पक्ष पर महादेवी के चिन्‍तन का जो गहन , मौलिक और बहुआयामी चरित्र था , उस पर समाजशास्त्रियों ने तो एकदम ध्‍यान नहीं दिय...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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