एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Thursday, November 15, 2018

टीएम कृष्णाः एक रचनाकार की तड़प और उसका संघर्ष - शिवप्रसाद जोशी

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  “ मैं सोचता हूं कि मुझे संगीत पसंद है क्योंकि इसका नैतिकता से बहुत थोड़ा सा लेनादेना है. बाकी हर चीज़ नैतिक या अनैतिक है और मैं ऐसी...
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Thursday, October 25, 2018

विष्णु खरे—स्मरण : असद ज़ैदी

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पंद्रह नवम्बर २०१७ की शाम दिमाग़ में नक़्श है। लोदी रोड श्मशान में कुँवर नारायण के अंतिम संस्कार के वक़्त अचानक दो लोगों पर नज़र पड़ी−−...
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Thursday, September 20, 2018

विष्णु खरे - अपनी तरह के अलहदा

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कवि पंकज चतुर्वेदी ने विष्णु खरे की रामचंद्र शुक्ल और मुक्तिबोध को लेकर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी का ज़िक्र किया तो किसी ने इस वक़्त ऐसा न करने...
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Wednesday, June 20, 2018

मुक्तिबोध — उत्पीड़न और नायकत्व : असद ज़ैदी

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('नया पथ' का मुक्तिबोध विशेषांक मुझे बहुत देरी से हासिल हो पाया। इस पत्रिका में छपा असद जी का यह लेख मुक्तिबोध के उत्पीड़न और हि...
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Monday, May 14, 2018

बेटे के नाम चिट्ठी -चार्ल्स मंगोशी

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Charles Mungoshi चार्ल्स मंगोशी की कविता ।।बेटे के नाम चिट्ठी।। अब कद्दू पक गए हैं. साल की पहली मकई की फसल से हम कुछ ही ...
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Saturday, May 5, 2018

नामवरी में कोई कमी नहीं - धीरेश सैनी

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प्राइम टाइम में नामवर रवीश कुमार की वजह से एनडीटीवी इंडिया कई मामलों में अनूठा है। 4 मई 2018, शुक्रवार रात के प्राइम टाइम में हिं...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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