एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Friday, August 27, 2021
ट्रैजडी किंग और इंडियन सेकुलरिज़्म की ट्रैजडी : धीरेश सैनी
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दिलीप कुमार (11 दिसंबर, 1922-7 जुलाई, 2021) पर बात शुरू करते हुए एम. एस. सथ्यू की फ़िल्म ` गर्म हवा ` की बड़ी शिद्दत के साथ याद आ रही है।...
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Thursday, June 17, 2021
ज़िंदा नहीं रहने दिया गया था आम्बेडकर से प्रभावित तिलक के बेटे को
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(मशहूर बुद्धिजीवी सूरज येंगडे की किताब `कास्ट मैटर्स` से लिया गया टुकड़ा जिसका हिन्दी अनुवाद भारत भूषण तिवारी ने किया है।) जानकर हैरत हो...
Wednesday, June 9, 2021
वाम आंदोलन में भी अपने ऊपर दबंग जातियों की शक्ति महसूस करते हैं दलित - सूरज येंगडे
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नव-उदारवादी धज के पूँजीवाद ने जो वायदे किए थे उनमें से अधिकतर पूरे नहीं हुए बल्कि इसने भारत के सबसे अधिक हाशिए के लोगों की मृत्युसंख्या में ...
Sunday, September 27, 2020
आलोचना की आलोचना : फ़ासीवाद सम्बंधी अंक पर कृष्ण मोहन की समीक्षा
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पिछले दिनों नामवर सिंह पर हिन्दी के ` विद्वानों ` के ताबड़तोड़ लाइव कार्यक्रमों के दौरान किसी ने उनके संपादन में ` आलोचना ` का पुनर्प्रकाश...
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