एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Tuesday, September 8, 2026
नामवर सिंह पर उर्मिलेश का ऐतिहासिक लेख
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जेएनयू में नामवर सिंहः जैसा देखा, जैसा पाया -उर्मिलेश ( समयांतर के नवंबर 2013 अंक में प्रकाशित) पिछले दिनों एक किताब आई है-‘जेएनयू में ना...
Sunday, July 12, 2026
मनुष्य और समाज की बेहतरी का ज्ञान-विज्ञान - शिवप्रसाद जोशी
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(विज्ञान में विचार के नये आयाम) समीक्षा पुस्तकः ज्ञान, विज्ञान, टेक्नोलॉजी और समाजः आम ज़बान में कुछ बातें लेखकः लाल्टू प्रकाशकः एकलव्य मूल...
Monday, June 8, 2026
क्या अपमान से निपटने के लिए उग्रता के अलावा कोई रास्ता है?
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समीक्षा निबंध: प्रसांता चक्रवर्ती रॉक्सेन एल. यूबेन. ड्रिवेन टु देयर नीज़: ह्यूमिलिएशन इन कॉन्टेंपोरेरी पॉलिटिक्स. (प्रिंसटन और ऑक्सफ़र्...
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