एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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अण्णा हज़ारे
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अण्णा हज़ारे
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Saturday, April 30, 2011
'क्रांति' का जंतर मंतर : अरुंधति रॉय
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अण्णा हज़ारे के आह्वान पर हज़ारों लोग जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए थे। बीस साल पहले जब उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण का दौर हम पर थोपा गया तब हम...
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