एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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उदयप्रकाश
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उदयप्रकाश
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Friday, July 17, 2009
उदयप्रकाश का सफाईनामा और संसद में रोना आदित्यनाथ का
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दोस्तों, उदय प्रकाश बड़े लेखक हैं. उनके पास शब्दों की जादूगरी है और दुनिया भर का साहित्य उन्होंने पढ़ा है. वे अपनी उपलब्धियों और बेबसी व यंत्...
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Wednesday, July 15, 2009
आदित्यनाथ-उदयप्रकाश एंड कंपनी उर्फ़ प्रतिरोध अभी मरा नहीं है
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हिन्दी साहित्य जगत में इधर कई हलचलें मची हुई हैं. एक लम्बे अरसे के बाद कवि, लेखक और विचारकगण एकजुट होकर दक्षिणपंथी खेमे की बढ़ती हुई महत्वाक...
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