एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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कार्टून विवाद
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Saturday, June 2, 2012
कार्टून विवाद और एक कट्टरपंथी दलित के मन की हलचल : अनूप कुमार
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“मेरा दिमाग खुला है पर खाली नहीं. खुले दिमाग वाला आदमी हमेशा ही स्वागत योग्य होता है. पर जब मै ऐसा कह रहा हूँ वहाँ आपको यह भी समझना होगा...
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Wednesday, May 16, 2012
कार्टून विवादः एक मानवीय अवलोकन : लाल्टू
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भारतीय समाज दलित और गैर - दलित दो तबकों में बँटा है। एक इंसान को औरों से अलग कर देखना मानव मूल्यों की दृष्टि से ग़लत है। पर सामाजिक गतिकी...
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