एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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चरनदास चोर
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Thursday, August 13, 2009
हबीब तनवीर और सतनामी समुदाय
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साथियो, वाणी प्रकाशन से प्रकाशित 'चरनदास चोर, २००४ संस्करण की हबीब तनवीर द्वारा लिखित भूमिका का एक अंश भेज रहा हूं, ताकि पाठक खुद निर्णय...
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