एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Showing posts with label
नक्सलबाड़ी
.
Show all posts
Showing posts with label
नक्सलबाड़ी
.
Show all posts
Thursday, November 19, 2009
नक्सलबाड़ी विद्रोह का सांस्कृतिक पक्ष : प्रणय कृष्ण
›
नक्सलबाड़ी किसान विद्रोह (१९६७) ने भारत की एक नई कल्पना का सृजन किया जिसने कला, संस्कॄति और साहित्य पर गहरा अखिल भारतीय असर डाला. किसी आंदोलन...
4 comments:
›
Home
View web version