एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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मधुसूदन आनंद
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मधुसूदन आनंद
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Sunday, November 8, 2009
वीरेन डंगवाल के कविता संग्रह पर मधुसूदन आनंद
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`स्याही ताल` वीरेन डंगवाल का तीसरा कविता संग्रह है। इससे से पहले `इसी दुनिया में` (१९९१) और `दुश्चक्र में सृष्टा` (२००२) उनके दो कविता ...
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