एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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मनमोहन
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Monday, July 31, 2017
हिन्दी नवजागरण में प्रेमचंद : मनमोहन
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भारतीय नवजागरण और राष्ट्रीय स्वाधीनता संघर्ष की श्रेष्ठतम उपलब्धियों में एक प्रेमचंद भी हैं। आज़ादी के बाद बहुत से अवांगर्द कहते थे ...
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Wednesday, December 28, 2016
मनमोहन की मशहूर कविता ‘आ राजा का बाजा’
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‘आ राजा का बाजा’ कविता के बारे में -मनमोहन पिछले दो-ढाई साल से इस कविता का एक अजीबोगरीब पाठ फेसबुक पर घूम रहा है और जो कभी भी, कहीं भी...
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Wednesday, August 4, 2010
ग़लती ने राहत की साँस ली
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एक अफसोसनाक और शर्मनाक हादसा जो सदियों से बदस्तूर जारी है, उसे कैसे प्रहसन में तब्दील कर दिया जाता है, उसका ताजा उदहारण विभूति प्रकरण है...
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Saturday, July 31, 2010
हिंदी नवजागरण में प्रेमचंद : मनमोहन (1)
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भारतीय नवजागरण और राष्ट्रीय स्वाधीनता संघर्ष की श्रेष्ठतम उपलब्धियों में एक प्रेमचंद भी हैं। आज़ादी के बाद बहुत से अवांगर्द कहते...
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Tuesday, June 8, 2010
दस कविताएं : मनमोहन
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नींद ----- दक्षिण दिशा में गया है एक नीला घोड़ा बहुत घने मुलायम अयाल हैं और आँखें हैं गहरी काली और सजल नंगी है उसकी पीठ पर्वतों स...
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Monday, February 22, 2010
सच्ची रचनात्मक ख़ुशी बड़ी नेमत है : मनमोहन
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एक लिखने वाले को असल इनाम ज़्यादातर अपने लिखने के अंदर ही उसे मिल जाया करता है। एक सच्ची रचनात्मक ख़ुशी, चाहे वह किसी तकलीफ में लिपटी क्यों...
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