एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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मुज़फ़्फ़रनगर
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Thursday, November 28, 2013
अपने से डरा हुआ बहुमत : असद ज़ैदी
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क्या वो नमरूद की ख़ुदाई थी बन्दगी में मिरा भला न हुआ (ग़ालिब) नमरूद बाइबिल और क़ुरआन में वर्णित एक अत्याचारी शासक था जिसने ख़ुदाई क...
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Monday, November 18, 2013
मुज़फ़्फ़रनगर के ओमप्रकाश वाल्मीकि
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ओमप्रकाश वाल्मीकि मुज़फ़्फ़रनगर जिले के थे और इस तरह एक चलन की तरह मैं कह सकता हूं कि यह मेरी निजी क्षति है। कहने को मुज़फ़्फ़रनगर की ...
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Wednesday, September 11, 2013
झुलसी आरजुओं का मुज़फ़्फ़रनगर
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वे 1989-90 के दिन थे, मेरे छात्र जीवन के दिन। अपने आरजुओं के शहर मुज़फ़्फ़रनगर में जमकर आवारागर्दी के दिन। रामजन्मभूमि के नाम पर आरएस...
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Friday, March 13, 2009
जी, वही मुज़फ़्फ़रनगरी
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मेरी पिछली पोस्ट पर एक बेनामी टिप्पणी आई है - 'वाह-वाह! क्या बात है! "वही धीरेश मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद"... (शमशेर जी से क्ष...
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