एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

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Wednesday, April 2, 2008

सिमोन द बउआर से पहले स्त्री विमर्श का भारतीय मुहावरा महादेवी वर्मा की कलम से निकला था

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महादेवी वर्मा को अध्यापकों-आलोचकों की बदौलत पीडा, वेदना, आंसुओं की, विरह की कवयित्री कहा जाता रहा है. `नीर भरी दुःख की बदली' का जिक्...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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