एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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वाम
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Sunday, August 2, 2020
अपने विद्वेषी पूर्वजों के मोह में धूर्तता कर रहे हैं अपूर्वानंद?
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पिछली पोस्ट से आगे अपूर्वानंद से बात कर रहे युवकों ने एक सीधे सवाल के जवाब में ` कलाकार के अपने भीतर रहने ` जैसी तमाम बातें झेलने के बा...
अपू्र्वानंद की नई उपलब्धि : वाम के मंच से वाम पर हमला
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भारत में वाम और उसकी सांस्कृतिक इकाइयां क्या बौद्धिक रूप से इतनी दरिद्र हो चुकी हैं कि वे लेनिन के विरुद्ध घृणा भरे अभियान चलाकर राजसत्ता...
Monday, December 30, 2013
वाम पक्षों में यौन हिंसा के मामले और जवाबदेही : लॉरी पैनी
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( लॉरी पेनी ब्रिटेन की मशहूर नारीवादी वामपंथी लेखक और ब्लॉगर हैं. उनकी यह टिप्पणी “ न्यू स्टेट्समन ” पत्रिका में प्रकाशित हुई ...
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