एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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विनोद कुमार शुक्ल
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विनोद कुमार शुक्ल
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Friday, September 26, 2025
विनोद कुमार शुक्ल की कविता पर अच्युतानंद मिश्र
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विसंगति की विडंबना 60’ के दशक में जिन कवियों ने विशिष्ट कहन शैली से अपनी पहचान निर्मित की, विनोद कुमार शुक्ल उन थोड़े कवियों में से हैं. कवि ...
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