एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

Showing posts with label समकालीन जनमत. Show all posts
Showing posts with label समकालीन जनमत. Show all posts
Sunday, June 19, 2011

बनी रहेगी हुसेन के निर्वासन की टीस : धर्मेंद्र सुशांत

›
मकबूल फिदा हुसेन नहीं रहे। देश से बाहर, लंदन में 9 जून 2011 को उन्होंने अंतिम सांस ली; इस समय वह भारत में नहीं थे, बल्कि एक आत्मनिर्वासित जि...
2 comments:
›
Home
View web version

About Me

My photo
Ek ziddi dhun
धीरेश सैनी Dhiresh Saini
View my complete profile
Powered by Blogger.