एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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साम्प्रदायिकता
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Monday, October 19, 2015
नफ़रत की संस्कृति का विरोध ज़िंदगी की पहचान है : लाल्टू
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देश भर में तकरीबन पचीस साहित्यकारों ने अपने अर्जित पुरस्कार लौटाते हुए मौजूदा हालात पर अपनी चिंता दिखलाई है। जब सबसे पहले हिंदी...
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Sunday, October 5, 2014
रामचंद्र गुहा की प्रॉब्लम क्या है?
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रामचंद्र गुहा के बेसिक्स में ही कोई प्रॉब्लम है या एक सधी हुई चतुरता। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत के नागपुर भाषण को दूरदर्शन पर लाइव ...
Wednesday, April 16, 2014
अमेरिका है साम्प्रदायिक-जनविरोधी ताकतों का संरक्षक : कमाल लोहानी
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(बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार और मशहूर संस्कृतिकर्मी कमाल लोहानी वहां के प्रसिद्ध भाषा आंदोलन और मुक्ति संग्राम के बड़े नामों में से ह...
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Monday, March 17, 2014
अस्सी के काशीनाथ सिंह और नरेंद्र मोदी
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Options for this story `धर्म और जाति को अबकी मुझे लगता है कि बनारस की जनता एक ठेंगा दिखाएगी और कहीं न कहीं मोदी के पक्ष में लोग ज...
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Thursday, November 28, 2013
अपने से डरा हुआ बहुमत : असद ज़ैदी
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क्या वो नमरूद की ख़ुदाई थी बन्दगी में मिरा भला न हुआ (ग़ालिब) नमरूद बाइबिल और क़ुरआन में वर्णित एक अत्याचारी शासक था जिसने ख़ुदाई क...
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