एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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सुधीश पचौरी
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सुधीश पचौरी
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Tuesday, September 29, 2026
ऐसे बयान से क्या फ़ायदा
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आलोक धन्वा कविता पढ़ने के लिए मंच पर आए तो उन्होंने शुरुआत वीरेन डंगवाल की इस कार्यक्रम में ग़ैर-मौज़ूदगी के ज़िक्र से की। जादुई अंदाज़-ओ-अद...
Wednesday, September 28, 2016
सुधीश पचौरी और संपादक की बीमार मानसिकता का विरोध
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फोटो 5 अक्तूबर 2013 के उसी कार्यक्रम का है जिसे सुधीश पचौरी बर्दाश्त नहीं कर सका था। हमारे प्यारे कवि वीरेन डंगवाल की बीमारी को ...
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