एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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Ambedkar
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Thursday, June 17, 2021
ज़िंदा नहीं रहने दिया गया था आम्बेडकर से प्रभावित तिलक के बेटे को
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(मशहूर बुद्धिजीवी सूरज येंगडे की किताब `कास्ट मैटर्स` से लिया गया टुकड़ा जिसका हिन्दी अनुवाद भारत भूषण तिवारी ने किया है।) जानकर हैरत हो...
Wednesday, June 9, 2021
वाम आंदोलन में भी अपने ऊपर दबंग जातियों की शक्ति महसूस करते हैं दलित - सूरज येंगडे
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नव-उदारवादी धज के पूँजीवाद ने जो वायदे किए थे उनमें से अधिकतर पूरे नहीं हुए बल्कि इसने भारत के सबसे अधिक हाशिए के लोगों की मृत्युसंख्या में ...
Saturday, January 26, 2013
द इंडियन आइडियोलॉजी : बदनसीब मुल्क़ के बदग़ुमान रहनुमा
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पेरी एंडरसन की किताब `द इंडियन आइडियोलॉजी` का टुकड़ा - 1945 तक गांधी का युग ख़त्म हो कर नेहरू का ज़माना शुरू हो गया था. दोनों के बी...
Monday, April 14, 2008
अम्बेडकर जयंती पर
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भीमराव अम्बेडकर के विचार - हिंदू धर्म में रहकर जातिप्रथा समाप्त करने का प्रयास मीठे जहर को चाटने के समान होगा। - हिन्दूवाद आजादी, बरा...
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