एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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Thursday, May 21, 2026
`किसी अनजान ढाणी` से एक खरी-बेचैन आवाज़
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`बौने प्रहसन और अन्य कविताएं` कविता संग्रह प्रकाशक - न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशन ``एक आवाज़ आई ये देश महान है मैंने ग़ौर से देखा तो सदियों से रक्त...
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Wednesday, November 3, 2021
पता नहीं चलता कि कब किस ने पाला बदल लिया है
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प्रिय कवि लाल्टू का नया कविता संग्रह `कौन देखता है कौन दिखता` परिकल्पना प्रकाशन से छप कर आया है। इस संग्रह से कुछ कविताएँ यहाँ देते वक़्त इ...
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