एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Showing posts with label
Left
.
Show all posts
Showing posts with label
Left
.
Show all posts
Sunday, August 2, 2020
अपने विद्वेषी पूर्वजों के मोह में धूर्तता कर रहे हैं अपूर्वानंद?
›
पिछली पोस्ट से आगे अपूर्वानंद से बात कर रहे युवकों ने एक सीधे सवाल के जवाब में ` कलाकार के अपने भीतर रहने ` जैसी तमाम बातें झेलने के बा...
अपू्र्वानंद की नई उपलब्धि : वाम के मंच से वाम पर हमला
›
भारत में वाम और उसकी सांस्कृतिक इकाइयां क्या बौद्धिक रूप से इतनी दरिद्र हो चुकी हैं कि वे लेनिन के विरुद्ध घृणा भरे अभियान चलाकर राजसत्ता...
›
Home
View web version