एक ज़िद्दी धुन

जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद

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Thursday, June 17, 2021

ज़िंदा नहीं रहने दिया गया था आम्बेडकर से प्रभावित तिलक के बेटे को

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  (मशहूर बुद्धिजीवी सूरज येंगडे की किताब `कास्ट मैटर्स` से लिया गया टुकड़ा जिसका हिन्दी अनुवाद भारत भूषण तिवारी ने किया है।) जानकर हैरत हो...
Wednesday, June 9, 2021

वाम आंदोलन में भी अपने ऊपर दबंग जातियों की शक्ति महसूस करते हैं दलित - सूरज येंगडे

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नव-उदारवादी धज के पूँजीवाद ने जो वायदे किए थे उनमें से अधिकतर पूरे नहीं हुए बल्कि इसने भारत के सबसे अधिक हाशिए के लोगों की मृत्युसंख्या में ...
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धीरेश सैनी Dhiresh Saini
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