एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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Sushma Naithani
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Tuesday, January 1, 2013
स्त्री आजाद होती तो पुरुष भी और ज्यादा आजाद नहीं होता?- सुषमा नैथानी
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स्वतंत्र होना, गुलाम होना,ये एक व्यक्ति तय नही करता, वरन ये किसी एक समाज के परिपेक्ष्य मे ही व्यक्ति के सन्दर्भ मे कहा जा सकता है। निजी ...
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