एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Saturday, September 26, 2009
हवा में रहेगी ख़यालों की बिजली...
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दरजे पांच की हिन्दी की किताब में भगत सिंह पर एक पाठ (सबक यानी लेसन) था। इसकी शुरुआत भगत सिंह के उस ख़त की काव्यपंक्तियों के अनुवाद से होती थ...
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Saturday, September 19, 2009
सैर-सपाटा
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ये तस्वीरें कबीर ने भेजी हैं. कबीर दिल्ली में रहता है, नौवीं-दसवीं का छात्र है और अपना कई बरस पुराना दोस्त है.
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Wednesday, September 16, 2009
हुसेन : गुरबत में हों अगर हम...
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शान-ए-हिंद, तुझे सालगिरह मुबारक हो गुरबत में हों अगर हम रहता है दिल वतन में समझो वहीं हमें भी दिल है जहाँ हमारा ...
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Tuesday, September 15, 2009
मसला - वीरेन डंगवाल
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बेईमान सजे-बजे हैं तो क्या हम मान लें कि बेईमानी भी एक सजावट है? कातिल मज़े में हैं तो क्या हम मान लें कि क़त्ल करना मज़ेदार काम है? मसला मनु...
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Wednesday, September 2, 2009
चरनदास चोर नहीं है – मंगलेश डबराल
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हमारे पीढ़ी के बहुचर्चित कथाकार और कवि उदय प्रकाश की इस चिंता ( जनसत्ता , 16 अगस्त) में ज्यादातर लोग शरीक होंगे कि ‘जब सारे अंदेशे और बुरे स...
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Sunday, August 30, 2009
साहित्य, सत्ता और सम्मान : प्रणय कृष्ण
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जनांदोलनों और मानवाधिकारों पर क्रूर दमन ढानेवाली छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा १० व ११ जुलाई को प्रायोजित 'प्रमोद वर्मा स्मृति सम्मान" कार...
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Wednesday, August 19, 2009
प्रभाष जोशी! शर्म तुमको मगर नहीं आती
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बड़ा हल्ला रहता आया है कि प्रभाष जोशी पत्रकारिता के शीर्ष पुरुष हैं. उनके शीर्ष पुरुषवादी विचार हमेशा ही सामने आते रहे हैं, यह बात अलग है कि...
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