एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
Wednesday, March 10, 2010
हुसेन प्रकरण : क्या विष्णु खरे ने बूढ़े कन्धों से सेक्युलरिज्म का `भार` उतार फेंका? - धीरेश सैनी
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विष्णु खरे को उनके `मित्र` ज़िद की हद तक सेक्युलर कवि-चिन्तक बताते रहे हैं। `लालटेन जलाना` समेत उनकी दो किताबें (कविता की) मैंने पढ़ी हैं ...
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Sunday, March 7, 2010
औरतों की कविताएँ : शुभा
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1. औरतें ---------- औरतें मिट्टी के खिलौने बनाती हैं मिट्टी के चूल्हे और झाँपी बनाती हैं औरतें मिट्टी से घर लीपती हैं मिट्टी के रंग के कपडे ...
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Saturday, March 6, 2010
ईश्वर लीला
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(हरिभूमि अखबार की कतरन)
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Tuesday, March 2, 2010
क्योंकि मैं एक मुसलमान हूँ
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मेरे दस सिर हैं क्योंकि मैं एक मुसलमान हूँ मेरे बीस हाथ हैं क्योंकि मैं एक मुसलमान हूँ मैंने सीता का अपहरण किया है क्योंकि मैं एक मुसलमान हू...
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Sunday, February 28, 2010
हुसैन की कूची से होली के रंग
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होली मुबारक दोस्तो
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Thursday, February 25, 2010
हम शर्मिंदा हैं हुसैन
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अखबार अभी कुछ देर पहले शाम को उठाया और सन्न रह गया. `द हिन्दू` की बोटम स्टोरी `M.F. Husain gets Qatar nationality` आपने तो सुबह ही देख ली...
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Wednesday, February 24, 2010
विष्णु नागर के नये संग्रह से चार कविताएँ
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दो यात्राएँ ------ मैं एक यात्रा में एक और यात्रा करता हूँ एक जगह से एक और जगह पहुँच जाता हूँ कुछ और लोगों से मिलकर कुछ और लोगों से मिलने चल...
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