Showing posts with label छह दिसंबर. Show all posts
Showing posts with label छह दिसंबर. Show all posts

Saturday, December 5, 2009

छह दिसंबर



मलबा
-----


समतल नहीं होगा कयामत तक
पूरे मुल्क की छाती पर फैला मलबा
ऊबड़-खाबड़ ही रह जाएगा यह प्रसंग
इबादतगाह की आख़िरी अज़ान
विक्षिप्त अनंत तक पुकारती हुई ।
-सुदीप बनर्जी