Saturday, March 21, 2009

सांझ का जादू







...और समंदर के हृदय में समा गया सूरज
(Kochi beach)

13 comments:

ravindra vyas said...

pata nahin , dubte suraj ke saath ye dil bhi kyon dubta lagta hai!

aman maula said...

even death is also baeutiful. yes Ravindra, it`s death of the day.

mehek said...

khubsurat pics

anurag vats said...

saanjh ki dulhan...

अशोक पाण्डेय said...

जादू करनेवाले ही हैं ये चित्र...किसी सोच में बहा ले जाते हैं..

संगीता पुरी said...

अच्‍छे चित्र हैं ...

महेन said...

सूरज का समुद्र में डूबना दरअसल हमारे अवचेतन में मौजूद स्मृति-शेष है. वह स्मृति-शेष जो रह रह कर उठता है.

शिरीष कुमार मौर्य said...

शामें !
जैसे इनकी रातें होंगी
किसी
और समय में !

Abhishek Mishra said...

बढ़िया तस्वीरें. मेरी पोस्ट से कहीं-न-कहीं सहमती जताने का शुक्रिया.

परेश टोकेकर 'कबीरा' said...

धीरेश भाई, क्या हाल है?
ब्लागिंग जगत में बडा कमाल कर रहे हो। बडे अरसे बाद ब्लाग पढा आपको सक्रिय देखकर बडी खुशी हुई।

Harsh pandey said...

nice photo hai... aapke blog par pahli baar aakar achcha laga....

मुनीश ( munish ) said...

vaaaah! vah!

tanu sharma.joshi said...

बहुत खूबसूरत है...