एक ज़िद्दी धुन
जी को लगती है तेरी बात खरी है शायद / वही शमशेर मुज़फ़्फ़रनगरी है शायद
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Saturday, March 21, 2009
सांझ का जादू
...और समंदर के हृदय में समा गया सूरज
(Kochi beach)
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