क्या आपको गाजा की शहीद रशेल कूरी की याद आ रही है? भगत सिंह की उम्र की ये लड़की करीब 6 बरस पहले गाज़ा में इस्रायल के बुलडोज़रों को रोकने की कोशिश में शहीद हुई थी। अमेरिका के साम्राज्यवादी निरंकुश शासकों के जूतों को भी चाटने को उतावले रहने वालों को हैरानी हो सकती है कि यह न्याय की चाहत रखने वाली और उसके लिए गाज़ा में शहादत देने वाली युवा लड़की अमेरिका की ही रहने वाली थी। एक पूरी आबादी को उजाड़ने की मुहिम को देख कर उसने शहादत से पहले अपने परिवार को जो मेल भेजे थे, उनमें भी उसकी न्याय के प्रति क़ुर्बानी और संवेदनशीलता की झलक थी। इसे आत्मतुष्ट, फर्जी लोग नहीं समझ सकते, वे तो गुजरात में भी जश्न मनाते हैं।
.......दरअसल मोहल्ला ब्लॉग पर फिलिस्तीन में हो रहे दमन के खिलाफ एकजुटता दर्शाने की अपील की गई थी। अब बहुत से लोगों को इस पर एतराज हो गया और वे बेशर्म जुमलों के साथ प्रतिकिरिया में आ गए। मैंने बेहद दुखी मन से ये याद दिलाने के लिए कि अन्याय का विरोध करना सिर्फ़ फिलिस्तीन के लोगों की ज़िम्मेदारी नहीं है। वे लड़ ही रहे हैं क्योंकि ये लड़ाई उनके हिस्से में आई है पर अमेरिकाजिसने ये कत्ल-ओ-गारत थोप राखी है, के रहने वाले न्यायप्रिय लोग भी अपने शाशकों के स्टैंड की परवाह किए बिना न्याय के पक्ष में खड़े होते हैं। और मैंने रशेल कूरी को याद किया। मोहल्ला ने इस टिपण्णी के साथ रशेल कूरी का वीडियो भी जोडा है, और हम इससे से प्रेरणा ले सकते हैं।
.......दरअसल मोहल्ला ब्लॉग पर फिलिस्तीन में हो रहे दमन के खिलाफ एकजुटता दर्शाने की अपील की गई थी। अब बहुत से लोगों को इस पर एतराज हो गया और वे बेशर्म जुमलों के साथ प्रतिकिरिया में आ गए। मैंने बेहद दुखी मन से ये याद दिलाने के लिए कि अन्याय का विरोध करना सिर्फ़ फिलिस्तीन के लोगों की ज़िम्मेदारी नहीं है। वे लड़ ही रहे हैं क्योंकि ये लड़ाई उनके हिस्से में आई है पर अमेरिकाजिसने ये कत्ल-ओ-गारत थोप राखी है, के रहने वाले न्यायप्रिय लोग भी अपने शाशकों के स्टैंड की परवाह किए बिना न्याय के पक्ष में खड़े होते हैं। और मैंने रशेल कूरी को याद किया। मोहल्ला ने इस टिपण्णी के साथ रशेल कूरी का वीडियो भी जोडा है, और हम इससे से प्रेरणा ले सकते हैं।