Thursday, December 10, 2009

`व्यावहारिक` लोग न पढ़ें

`मुझे उन तथाकथित व्यावहारिक लोगों की बुद्धि पर हंसी आती है, अगर कोई बैल बनना चाहे तभी वह मानवता की पीड़ाओं से मुंह मोड़कर अपनी ख़ुद की चमड़ी की रखवाली कर सकता है.' - मार्क्स

3 comments:

ali said...

सहमत !

मानवता के प्रति ग़ैरजिम्मेदार दोपायों को बैल ही कहा जा सकता है !

रंगनाथ सिंह said...

बेहतरीन। आपको इसके लिए हार्दिक धन्यवाद।

संजय भास्कर said...

बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
ढेर सारी शुभकामनायें.

संजय कुमार
हरियाणा
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Email- sanjay.kumar940@gmail.com